उच्च रक्तचाप/ High BP
अनुमान है कि लगभग 22–25 करोड़ भारतीय वयस्क उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं।
यानी हर 4 में से लगभग 1 वयस्क को हाई BP है।
जानें उच्च रक्तचाप के बारे में:
1) उच्च रक्तचाप (हाई BP) को “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि अक्सर इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते फिर भी यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुँचा सकता है।
2) 120/80 mmHg को सामान्य रक्तचाप माना जाता है। यदि BP लगातार 140/90 mmHg या उससे अधिक रहे, तो यह उच्च रक्तचाप हो सकता है।
3) नमक का अधिक सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है। अधिकांश वयस्कों को प्रतिदिन 5 ग्राम (लगभग 1 चम्मच) से कम नमक लेना चाहिए।
4) नियमित व्यायाम (रोज़ कम से कम 30 मिनट तेज़ चलना या अन्य एरोबिक गतिविधि) रक्तचाप नियंत्रित रखने में मदद करता है।
5) वजन कम करने से रक्तचाप में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। मोटापा उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख जोखिम कारक है।
6) धूम्रपान और तंबाकू रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं और हृदय रोग व स्ट्रोक का खतरा बढ़ाते हैं।
7) उच्च रक्तचाप का इलाज केवल दवा नहीं है। संतुलित आहार, कम नमक, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
8) उच्च रक्तचाप से हृदयाघात, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आँखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है यदि इसे लंबे समय तक नियंत्रित न किया जाए।
9) यदि डॉक्टर ने BP की दवा शुरू की है, तो उसे बिना सलाह के बंद न करें। BP सामान्य दिखने का कारण अक्सर दवा का प्रभाव होता है।
10) 40 वर्ष की आयु के बाद (और यदि परिवार में हाई BP का इतिहास हो तो उससे पहले भी) नियमित रूप से रक्तचाप की जाँच करानी चाहिए, क्योंकि समय पर पहचान से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

