NATIONAL MALARIA CONTROL PROGRAMME

NATIONAL MALARIA CONTROL PROGRAMME

APRIL, 1953( राष्ट्रीय मलेरिया नियन्त्रण कार्यक्रम-अप्रैल, 1953) मलेरिया मच्छरों से फैलने वाला रोग है। इससे विश्व भर में हजारों लोगों की मृत्यु वर्ष होती है। भारत में भी इससे प्रभावित लोगों की संख्या सोचनीय है।अतः भारतीय शासन-प्रणाली द्वारा मलेरिया नियन्त्रण कार्यक्रम वर्ष 1953 से 1958 चलाये गये। इस कार्यक्रम के परिणाम अति उत्साहवर्द्धक थे।वर्ष 1958 में NMCP को राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम (National malaria adication programme) में बदल कर प्रारम्भ किया गया।

अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार कार्यक्रम को चार चरणों में विभाजित किया गया। ये चन है-तैयारी चरण (Preparatory phase)आक्रमण चरण (Attack phase)समांगी चरण (Consolidation phase)रख-रखाव चरण (Maintenance phase)

वर्ष 1977 में मलेरिया नियन्त्रण के लिए उन्मूलन कार्यक्रम की रूपान्तरित योजना कोतन्न किया गया, जिसके निम्नलिखित उद्देश्य थे-मलेरिया से मृत्यु होने को रोकना।मलेरिया पीड़ितों की संख्या में कमी करना।

कृषि और औद्योगिक उत्पादन को बनाये रखना।प्राप्त लोगों को इक‌ट्ठा करना।

वर्ष 1999 में राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को समाप्त कर इसका दूसरा नाम राष्ट्रीय प्रति-मलेरिया कार्यक्रम (National Antimalarial Programme) रखा गया।

राष्ट्रीय प्रति-मलेरिया कार्यक्रम (National antimalarial programme) के घटक तथ्य निम्न प्रकार है-मलेरिया की शीघ्र पहचान व उसकी शीघ्र चिकित्सा।चयनित रोग वाहक नियन्त्रण और व्यक्तिगत रक्षा विधि (Selective vector control and personal protection method)।जनपदिक योजना एवं शीघ्र परिणाम।अन्तर्खण्डीय समन्वय (Intersectoral co-ordination) ।लार्वा खाने वाली मछलियों का उपयोग (Use of larvivorus fish)।

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